लड़के-लड़कियों में भेद से सम्बंधित रूढ़िवादी सोच के लिए आधुनिक युग में कोई स्थान नहीं है। समाज को लैंगिक भेदभाव के बारे में अपनी संकीर्ण मानसिकता को त्याग कर लड़कियों को जीवन में तरक्की करने के अधिकाधिक अवसर प्रदान करने होंगे।

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